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ऐसे करें मां दुर्गा की पूजा, पूर्ण होगी आपकी मनोकामना

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 21 2017 2:34AM IST
ऐसे करें मां दुर्गा की पूजा, पूर्ण होगी आपकी मनोकामना

सोने-चांदी के तारों से जड़ी लाला चुनरियां, रोली, लाल चंदन, सिंदूर, लाल वस्त्र साड़ी, आभूषण से सोलहा श्रृंगार कर नवदुर्गा आज भक्तों के घरों में मंगलाकरी रूप लेकर विराजित होंगी। माता रानी के दरबार में जहां श्रद्धा के जोत जलाने भक्तों का तांता लगा है। 

वहीं नवरात्र की बाजारों में पूजा अर्चना की सामग्री जैसे फल फूल, चांदी या पीतल की देवी प्रतिमा, गंगा जल, पंचामृत, पंचमेवा, दूध, दही, घी, शहद नारियल, शर्करा, रेशमी वस्त्र, रोली, चंदन, अक्षत, फूल, धूप दीप, नैवेद्य, फल सुपारी, पान, लौंग, इलायची, सिंदूर, कलश, रेत मिट्टी, यज्ञोपवीत और आसन सहित शंख घंटी और चुनरी और आभूषण आदि की खरीदारी जोरो से हो रही है। शहर में जगह जगह आकर्षक दुर्गा पंडाले दुल्हन की तरह सज गई हैं।

बंदियों ने जालाए पश्चाताप के जोत:-

जेल परिसर स्थित मां चामुंडा देवी मंदिर में 1290 कलश प्रज्ज्वति किए गए हैं। मंदिर में पूरी श्रद्धाभाव से बंदी भक्त मां चामुंडा की सेवा, भक्ति, भजन में लीन हैं। मां चामुंडा के दरबार में भक्तों द्वारा व स्वयं प्रज्ज्वलित किए जोत की देख रेख कर रहे हैं। 

इस तरह से बंदी भक्त अपने द्वारा किए गए भूल को मां चामुंडा की सेवा कर पश्चाताप कर रहे हैं आैर अपने जीवन में भक्ति की जोत जलाकर आने वाले कल को माता की आराधना बिताने का संकल्प ले रहे हैं।

इन पंडालों में माता की आकर्षक प्रतिमाएं:-

बिजली ऑफिस बूढ़ा पारा दुर्गा उत्सव समिति, कालीबाड़ी बंगाली दुर्गा उत्सव समिति, होली क्राॅस बैरन बाजार, फूल चौक, नवीन बाजार, शारदा चौक, आरकेसी चौक शहर के इन चौक चौराहों पर माता रानी की भव्य प्रतिमाएं पंडालाें में आज विराजित होंगी। इन पंडालों में भक्तों को मां दुर्गा के नव रूपों का दर्शन होंगे।

इस मुहूर्त में विराजित होगी नवदुर्गा:-

अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:35 से दोपहर 12:22 तक, वृश्चिक लग्न- सुबह 9:54 से दोपहर 12:15 तक, कुंभ लग्न दोपहर 4 बजे से शाम 5:40 तक, वृषभ लग्न रात 8:55 से 10:55 तक माता की प्रतिमा का स्थापना करने का मुहूर्त है। इस शास्त्र सम्मत मुहूर्त पर प्रतिमा स्थापना से भक्तों के घर-परिवार में सुख समृद्धि की वर्षा होगी।

विधि-विधान से मां की आराधना:-

नव दुर्गा को प्रसन्न कर अपने मनोकामना पूरी करने के लिए भक्त माता रानी की विधि विधान से पूजा-अर्चना में हर दिन अलग अलग भोग व चढ़ावा चढ़ाएंगे। जिससे उनकी सारी मुरादे पूर्ण हो जाएगी। यह कहना है पं. दात्रात्रेय महाराज का। प्रथम दिन मां शैलपुत्री को गाय का दूध,घी, नारंगी, सफेद वस्त्र। दूसरे दिन ब्रम्हाचारिणी को शक्कर से बनी फलाहारी, पीला वस्त्र। 

तीसरे चंद्रघण्टा को गाय का दूध और पीला वस्त्र। चतुर्थी दिन कुष्मांडा को मालपुआ, नीला कपड़ा। पंचमी दिन स्कंदमाता को केले से बनी फलाहरी, मिश्रित रंग का वस्त्र। षष्ठी कात्यायनी को शहद का भोग, भूरा कपड़ा। सप्तमी कालरात्रि गुड़ का भोग, चमकीला वस्त्र। 

अष्ठमी महागौरी को नारियाल से बना फलाहरी, लाला-गुलाबी वस्त्र। नवमी सिद्धिदात्री को धानी की लाई, सफेद, नीला वस्त्र का चढ़ाने और फलाहारी का भाेग लगा कर विधि विधान से पूजा अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण हो जाएगी।

चिराग दीपक, खप्पर और डिजाइनर कलश की खूब खरीदारी:-

बाजार में नवरात्र पर मुख्य बिक्री चुनरी व नारियल की हो रही है। इसके अलावा, पूजा समाग्रियों में चिराग वाले दीपक, खप्पर और डिजानर कलश, सावां के चावल, व्रत के नमकीन, साबुदाना, कुटू का आटा, व्रत के चिप्स, कपूर, लौंग व सिंगाड़े का आटा की भी उपलब्ध है। 

बाजार में चुनरी पांच से 50 रुपए की, नारियल 25 से 30 रुपए का, सावां के चावल 100 रुपए प्रति किलोग्राम, साबुदाना 90 रुपए प्रति किलोग्राम, कूटू का आटा 100 से 140 रुपए प्रति किलोग्राम, व्रत के चिप्स 20 से 30 रुपए प्रति पैकेट, कपूर दो रुपए की टिक्की, लौंग आठ रुपए प्रति 10 ग्राम के दामों पर उपलब्ध है। दुकानदारों ने पूजा के लिए देवी माता की आकर्षक मूर्तियां व चित्र तथा पूजा संबंधित पुस्तकें भी श्रद्धालुओं को लुभाने के लिए रखी हैं।

सज गया मां का दरबार:-

रांवाभाठा की बजरंगी माता मंदिर, पुरानी बस्ती की शीतला माता मंदिर, माहामायी पारा की माहामाया मंदिर, कुशालपुर की दंतेश्वरी माता मंदिर, आकाशवाणी चौक की काली माता मंदिरों में श्रद्धा के हजारों जोत आज से प्रज्ज्वलिच होंगी। माता रानी के दरबार को भक्त दुल्हन की तरह सजा रहे हैं। चुनरी, पूजा अर्चना व चढ़ावे से माता की सोलहा श्रृंगार करेंगे।

उपवास में यह फलाहारी व्यंजन है सेहतमंद:-

अमरूद, खजूर, लीची, पपीते, संतरे के फलाहारी व्यंजन, आइसक्रीम व स्मूदी में फलराज, शीतल शकोरा, हिम कदली, नमकीन में कच्चे केले के दही बड़ा, साबुदाना, फलाहारी भेल, सिंघाड़े की बर्फी, मीठे में सेब का हलवा, मखाने का खीर और श्रीखंड-रबड़ी आदि फलाहारी व्यंजन का सेवन कर नवरात्र उपवास में भक्त सेहतमंदी के साथ माता रानी की आराधाना कर सकते हैं। 

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