Top

हर महीने बनने वाला शनि-चंद्रमा का विष योग होता है बेहद खतरनाक, बचने के लिए करें ये उपाय

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Nov 23 2017 7:57PM IST
हर महीने बनने वाला शनि-चंद्रमा का विष योग होता है बेहद खतरनाक, बचने के लिए करें ये उपाय

ज्योतिष के अनुसार शनि चन्द्र विष योग किसी भी जातक के लिए बेहद खतरनाक होता है। जब चंद्रमा शनि के साथ गोचर करता है तो इस 'विष योग' का निर्माण होता है। यह विष योग प्रत्येक महीने पड़ता है जो कि कुंडली के प्रसिद्ध खतरनाक योगों में से एक है।

ऐसे बनता है विष-योग 

इस विष योग की स्थिति जातक के लिए बहुत ही कष्टकारी होता है। यह विष-योग खासकर उन जातकों के लिए और भी खतरनाक होता है, जिनकी कुंडली में चंद्रमा और शनि की दशा खराब होती है।

शनि-चंद्र के इस विष-योग के कारण व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ता है। इतना ही नहीं कई बार इस विष योग के करण व्यक्ति की मानसिक स्थिति पागलों जैसी हो जाती है। इस विष योग से बचने के लिए ये उपाय लाभकारी माना गया है।

इसे भी पढ़ें: सामुद्रिक शास्त्र: ऐसे 'वक्ष स्थल' वाली स्त्रियों में होते हैं ये विलक्षण गुण

दोष निवारण के उपाय 

  • शास्त्रों में पीपल के पेड़ में शनि देव का निवास माना गया है। विष योग से बचने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे नारियल फोड़ना चाहिए। ऐसा करने से इस विष-योग के नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सकता है।
  • इस विष-योग के दुष्प्रभाव से बचने के लिए शानिवार के दिन दीए में सरसों तेल में कली उड़द और काला तिल डालकर जलाना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: सामुद्रिक शास्त्र: घर में सौभाग्य और समृद्धि लाती हैं ऐसे मस्तक वाली लड़कियां

  • शनिवार के दिन महाबली हमुमान की पूजा-आराधना कर विष-योग के प्रभाव से बचा जा सकता है।
  • शनिवार को कुएं में दूध अर्पण करने से शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है जिससे यह विष-योग खत्म हो जाता है।
(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo