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पितृपक्ष 2017: 15 नहीं 14 दिन ही कर पाएंगे पितृपक्ष श्राद्ध

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 18 2017 5:44PM IST
पितृपक्ष 2017: 15 नहीं 14 दिन ही कर पाएंगे पितृपक्ष श्राद्ध

श्रद्धा से किया जाने वाला वो सभी कार्य जो पितरों के लिए किया जाता है वह श्राद्ध कर्म कहा जाता है। श्राद्ध करना ही पितरों के लिए यज्ञ कहा गया है। शास्त्रों में मनुष्य के लिए तीन प्रकार के ऋण की चर्चा की गई है, जिसमें पितृ ऋण को विशेष स्थान दिया गया है। पितृ-ऋण से पार पाने के लिए पितृपक्ष में श्राद्ध कर्म ही एकमात्र पद्धति है। विष्णु पुराण में कहा गया है कि श्राद्ध से तृप्त होकर पितृ ऋण सभी कामनाओं को तृप्त करते हैं। इस साल 15 नहीं 14 दिन ही कर पाएंगे पितृपक्ष श्राद्ध, तो आइए जानते हैं कि इस साल पितृपक्ष 2017 में कब से शुरू होगा और श्राद्ध की तिथि कौन-कौन सी है। 

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  • पितृपक्ष 2017 में 7 सितंबर से आरंभ होकर 20 सितंबर तक चलेगा। 
  • प्रतिपदा श्राद्ध 7 सितंबर दिन गुरुवार को मनाया जाएगा। 
  • द्वितीया श्राद्ध 8 सितंबर दिन शुक्रवार को रहेगा। 
  • तृतीया श्राद्ध 9 सितंबर दिन शनिवार को रहेगा। 
  • 10 सितंबर दिन रविवार को चतुर्थी और पंचमी का श्राद्ध रहेगा। 
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  • 11 सितंबर दिन सोमवार को षष्ठी श्राद्ध रहेगा। 
  • 12 सितंबर दिन मंगलवार को सप्तमी का श्राद्ध रहेगा। 
  • 13 सितंबर दिन बुधवार को महालक्ष्मी व्रत, पुत्रजीविका व्रत, और महा अष्टमी का श्राद्ध रहेगा 
  • 14 सितंबर दिन गुरुवार को नवमी श्राद्ध, मातृ नवमी श्राद्ध रहेगा 
  • 15 सितम्बर दिन शुक्रवार को दशमी श्राद्ध रहेगा। 
  • 16 सितम्बर दिन शनिवार को एकादशी श्राद्ध और इन्दिरा एकादशी व्रत भी रहेगा। 
  • 17 सितम्बर दिन रविवार को द्वादशी श्राद्ध सन्यासियों, यति वैष्णवों का श्राद्ध मनाना चाहिए। इसी दिन प्रदोष व्रत भी रहेगा।
  • 18 सितम्बर दिन सोमवार को त्रयोदशी एंव मघा श्राद्ध रहेगा। 
  • 19 सितम्बर दिन मंगलवार को चतुर्दशी का श्राद्ध एंव मास शिवरात्रि व्रत रहेगा। 
  • पितृपक्ष 2017 में 20 सितम्बर दिन बुधवार को स्नानदान श्राद्ध आदि की अमावस्या, पितृ विसर्जन, सर्वपैत्री महालया समाप्त साथ ही आज के दिन जिन लोगों की मृत्यु की तिथि नहीं ज्ञात है, उनका श्राद्ध मनाना चाहिए।
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