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अद्भुत ! इस मंदिर में चढ़ाया गया दूध बदल लेता है रंग, ऐसे पता चलता है 'राहु' दोष

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Nov 30 2017 4:12PM IST
अद्भुत ! इस मंदिर में चढ़ाया गया दूध बदल लेता है रंग, ऐसे पता चलता है 'राहु' दोष

ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है। नौ ग्रहों के निर्माण में इन दो ग्रहों की भी महती भूमिका है। सभी ग्रहों का अपना-अपना स्वभाव है। इस स्वभाव के कारण ही ये जातक पर अपना प्रभाव डालते हैं। हिन्दू धर्म में हर ग्रह किसी न किसी देवता से संबंध रखता है।

हिन्दू धर्म के अंतर्गत जितने भी मंदिर हैं उसे पीछे कोई न कोई रहस्य या हैरान करने वाली घटना है। ऐसा ही एक मंदिर केरल के कीजापेरुमपल्लम गांव में स्थित हैं। इस मंदिर को नागनाथस्वामी मंदिर या केतु स्थल के नाम से जाना जाता है।

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केतु को समर्पित मंदिर 

दरअसल यह यह मंदिर केतु देव को समर्पित है। यह मंदिर पवित्र कावेरी नदी के तट पर बना है। यह मंदिर केतु को समर्पित है, लेकिन इस मंदिर के मुख्य देव भगवान शिव है। शिव को नागनाथ कहा गया है। इस मंदिर में राहु देव के ऊपर दूध चढ़ाया जाता है।

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ऐसी मान्यता है कि जो लोग केतु के दोष से पीड़ित होते हैं, उनके द्वारा चढ़ाया गया दूध नीला हो जाता है। इस मंदिर से संबंधित पौराणिक कथा के अनुसार एक बार ऋषि के श्राप से मुक्ति पाने के लिए केतु ने शिव अराधना प्रारंभ की। शिवरात्रि के पावन दिन पर भगवान शिव ने केतु को दर्शन दिए और उसे श्राप से मुक्ति भी दिलवाई। 

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