Breaking News
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने नवाज शरीफ और मरियम का बेल रिजेक्ट कियापंजाब पुलिसमैन की शर्मनाक करतूत, बहादुर महिला ने पुलिस को पेड़ से बांधकर पीटासर्वदलीय बैठक में PM ने कहा- विपक्ष के साथ हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार, सकारात्मक रूख अपनाएं विपक्षी दलमनचले को लड़की ने पीटा, कहा- खुद को डोनालंड ट्रप की औलाद मत समझोसिक्यूरिटी गार्ड, लिफ्ट ऑपरेटर समेत 18 लोगों ने नाबालिग का 7 माह तक किया यौन उत्पीड़न, हिरासत में लेकर जांच जारीमहागठबंधन में PM उम्मीदवार को लेकर तानाकशी, राहुल गांधी पर टिप्पणी करने पर मायावती ने लिया बड़ा एक्शनसुपीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को दिया आदेश, लिंचिंग पर बनाएं कानूनकुलभूषण जाधव मामले में आज ICJ में अपना हलफनामा करेगा दाखिल
Top

मोक्षदा एकादशी 2017: शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Nov 29 2017 5:21PM IST
मोक्षदा एकादशी 2017: शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को पड़ती है। साल की 24 एकादशियों में मोक्षदा एकादशी विशेष महत्व का होता है। मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष की यह एकादशी अनेकों पापों को नष्ट करने वाली मानी जाती है। साल 2017 में मोक्षदा एकादशी 30 नवंबर (गुरूवार) को मनाई जाएगी। मोक्षदा एकादशी को दक्षिण भारत में वैकुण्ठ एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

पूजा विधि और शुभ मुहूर्त 

  • मोक्षदा एकादशी के दिन तुलसी की मंजरी, धूप-दीप आदि से भगवान दामोदर का पूजन करना चाहिए।
  • इस दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु के नाम का कीर्तन, भक्तिमय कार्यक्रम और नृत्य करते हुए जागरण करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: पति-पत्नी में दरार पैदा करती है, बिस्तर पर बिछी ऐसी चादर

  • इस दिन के व्रत का पारण भी समय से करना चाहिए। उपवास का पारण 1 दिसंबर को सुबह 9:39 से पहले करना उत्तम है।

महत्व 

मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी के दिन ही कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीताका उपदेश दिया था। इसलिए यह तिथि गीता जयंती के नाम से विख्यात हो गई। इस दिन से गीता-पाठ का अनुष्ठान प्रारंभ करें और प्रतिदिन थोड़ी देर गीता पढ़ना अच्छा माना गया है।

इसे भी पढ़ें: ज्योतिष शास्त्र: ''मंगल'' का ''तुला'' राशि में गोचर, इन 4 राशियों के लिए है भाग्योदय का समय

ऐसी मान्यता है कि गीतारूपी ज्ञान के प्रकाश से अंधकाररूपी अज्ञानता दूर होती है। साथ ही इस दिन श्री कृष्ण और गीता का पूजन भी शुभ फलदायक होता है। ब्राह्राण भोजन कराकर दान आदि कार्य करने से विशेष फल प्राप्त होते है।

ADS

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )

ADS

ADS

मुख्य खबरें

ADS

ADS

ADS

ADS

Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo