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अनंत चतुर्दशी 2017: आखिर क्यों मनाते हैं अनंत चतुर्दशी

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 14 2017 11:59AM IST
अनंत चतुर्दशी 2017: आखिर क्यों मनाते हैं अनंत चतुर्दशी

भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी कहा जाता है। इसी चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश की विदाई की जाती है। साथ ही इसी दिन अनंत चतुर्दशी का व्रत भी रखा जाता है और इस दिन अनंत भगवान की पूजा की जाती है।

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ऐसी मान्यता है कि अनंत भगवान की पूजा करने और व्रत रखने से हमारे सभी कष्ट दूर होते हैं। इसलिए, संकटों से सबकी रक्षा करने वाला अनंतसूत्र बांधा जाता है, इससे सभी कष्टों का निवारण होता है। 

कहा जाता है कि जब पाण्डव जुए में अपना सारा राज-पाट हारकर वन में कष्ट भोग रहे थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें अनंत चतुर्दशी का व्रत करने की सलाह दी थी। 

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धर्मराज युधिष्ठिर ने अपने भाइयों तथा द्रौपदी के साथ पूरे विधि-विधान से यह व्रत किया और अनन्त सूत्र धारण किया। इस व्रत का इतना प्रभाव था कि पाण्डव सभी संकटों से मुक्त हो गए।

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-Tags:#Anant Chaturdashi 2017#Lord Vishnu#Lord Ganesha#Anant
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