Top

यहां होती है शिव के 2 लिगों की पूजा

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 17 2017 12:53PM IST
यहां होती है शिव के 2 लिगों की पूजा

दक्षिण के रामेश्वरम शहर के पूर्वी क्षेत्र में स्थित रामानाथपुरम मंदिर की स्थापत्य कला बेजोड़ है। त्रावणकोर, मैसूर और पुडुकोट्टई आदि के शासकों ने रामानाथपुरम मंदिर के निर्माण में योगदान दिया।

ये भी पढ़ें- भारत के अलावा इन देशों में भी हैं 'बाबा बर्फानी'

गोपुरम यानी प्रवेश द्वार के साथ-साथ विशालकाय नंदी को देखना किसी सुंदर कल्पना के सच होने जैसा है। मंदिर का गलियारा एशिया में मौजूद हिंदू मंदिरों में सबसे लंबा है, जिसमें 12-12 खंभे हैं। यहां दो लिंग की पूजा होती है।

कहते हैं कैलाश से श्री हनुमान जो लिंग लाये थे उसे विश्‍वलिंगम के रूप में पूजा जाता है, जबकि दूसरे को जिसे सीता ने बनाया था, उसे रामालिंगम कहा गया। जब श्रीराम को रावण की वध का प्रायश्चित करना था तो उन्होंने यहां शिवलिंग स्थापित कर उसकी पूजा की थी।

ये भी पढ़ें- मंदिर से जूते-चप्पल चोरी होने के होते हैं ये संकेत

इस मंदिर में 24 तीर्थम हैं। तीर्थम यानी पवित्र जल के कुंड। इनमें 14 कुंए और टैंक के रूप में मौजूद हैं। ये मंदिर परिसर के अंदर ही हैं।

कहते हैं कि यहां स्‍नान करने वालों के सारे पाप धुल जाते हैं। यहां ऊंची-ऊंची दीवारें, सुंदर कलाकारी से सुसज्जित स्तंभों की श्रृंखलाएं, बुलंद और उन्नत रूप से सजे हैं।

ADS

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
know the temple of ramanathapuram temple in hindi

-Tags:#Ramanathapuram Temple#Shivling#Lord Ram#Rameswaram#Religious Place

ADS

ADS

मुख्य खबरें

ADS

ADS

ADS

ADS

Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo