Hari Bhoomi Logo
गुरुवार, सितम्बर 21, 2017  
Breaking News
Top

इस दिन नहीं तोड़ने चाहिए बेलपत्र

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 9 2017 11:17AM IST
इस दिन नहीं तोड़ने चाहिए बेलपत्र

हिंदू धर्म में भगवान शिव को सबसे जल्द प्रसन्न होने व मनोरथ पूर्ण करने वाला माना गया है। लेकिन बिना बेलपत्र चढ़ाए शिव की पूजा करना भी व्यर्थ है क्योंकि शिव जिस चीज से सबसे अधिक प्रसन्न होते हैं वह बेलपत्र ही है। 

ये भी पढ़ें- सोमवार व्रत में भूलकर भी न पहनें इस रंग का कपड़ा, नाराज होते हैं शिव

लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान शिव की आराधना करते समय सप्ताह के दिनों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। क्योंकि इन दिनों में से एक दिन ऐसा भी है जब बेलपत्र को तोड़ना अशुभ माना जाता है।
 
ज्यादातर लोग यह सोचकर शिव को बेलपत्र अर्पति करते हैं कि ज्यादा से ज्यादा मात्रा में बेलपत्र अर्पित करने से शिव अधिक प्रसन्न होंगे, लेकिन ऐसा नहीं है।
 
शास्त्रों में बताया गया है कि किसी भी पेड़ से पुष्प व उसके पत्तों को बेवजह तोड़ना पाप का भागी बनाता है। इसलिए जितनी आवश्यकता हो उतना ही लें।
 
 
बेलपत्र भी एक पौधे पर होते हैं। वैसे तो एक ऐसा भी समय होता है जब बेलपत्रों को तोड़ना मनाही रहता है लेकिन उस दिन के बारे में इतनी आसानी से पता नहीं लगाया जा सकता इसलिए बेलपत्र तोड़ते समय यदि कुछ मंत्रों का जाप करें तो इस पाप से छुटकारा पा सकते हैं।   
 
 
शास्त्रों में बेलपत्र तोड़ने का निषिद्ध काल तय है। हिंदू पंचाग के अनुसार, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या और सोमवार के दिन बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए।
(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
know the facts about of bilva patra

-Tags:#Lord Shiva#Bilva Patra#Shiva Pooja#Shivling
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo