Breaking News
Top

कार्तिक पूर्णिमा: इस विधि से करें गंगा स्नान जन्म-जन्मांतर के पापों से मिलेगी मुक्ति

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Nov 3 2017 10:31AM IST
कार्तिक पूर्णिमा: इस विधि से करें गंगा स्नान जन्म-जन्मांतर के पापों से मिलेगी मुक्ति

कार्तिक पूर्णिमा को हिन्दू धर्म में विशेष महत्व दिया गया है। सभी 12 पूर्णिमाओं में कार्तिक मास की पूर्णिमा खास स्थान रखता है। इस पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा और गंगा स्नान पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

इस साल यह पूर्णिमा 4 नवंबर, शनिवार को होगी। इस पूर्णिमा का हिन्दू धर्म में अनोखा महत्व है। पुराणों में वर्णन मिलता है कि इस दिन को भगवान विष्णु नें मतस्य अवतार लिया था। यानि विष्णु भगवान मछली के रूप में प्रकट हुए थे।

क्या महत्व है इस दिन का 

कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का महत्व है। साथ ही इस दिन गंगा स्नान करना चाहिए यदि संभव नहीं हो तो स्नान करने वाले जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करना श्रेष्ट माना गया है। पुराणों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करनी चाहिए। सिख धर्म में भी इस इस पूर्णिमा का महत्व है। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही गुरुनानक देव का जन्म हुआ था। इसलिए सिख धर्म में इस दिन को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है।

इसे भी पढ़ें: कार्तिक पूर्णिमा: जानिए कार्तिक पूर्णिमा का महत्व और पूजा विधि

ये है पूजन की विधि

इस दिन भगवान विष्णु की आराधना अच्छा माना गया है। इसलिए इस दिन स्नान करने के बाद विष्णु भगवान की पूजा करें।

इस दिन गंगा स्नान करना अच्छा माना गया है।

इस दिन व्रत का भी अपना एक विशेष महत्व है।

इस दिन भोजन में नमक का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: देव दीपावली 2017: काशी के गंगा घाट पर दिखती है देवलोक की छवि, सदियों पुरानी है यह परंपरा

ब्राह्मणों के दान देना पुण्यफलदायी माना गया है।

चंद्रमा को अर्घ्य देने से पुण्य प्राप्त होती है। 

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
kartik purnima 2017 kartik purnima ke din ganga snan ki vidhi

-Tags:#Kartik Purnima#Kartik Purnima 2017 Date#Kartik Purnima Ganga Snan#Guru Nanak Jayanti 2017
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo