Breaking News
Top

ज्योतिष शास्त्र: यदि कुंडली के बारहवें और छठे भाव में बना है इस ग्रह यह योग, ''सरकारी नैकरी'' की है प्रबल सभावना

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Nov 8 2017 2:02PM IST
ज्योतिष शास्त्र: यदि कुंडली के बारहवें और छठे भाव में बना है इस ग्रह यह योग, ''सरकारी नैकरी'' की है प्रबल सभावना

ज्योतिष शास्त्र में कुंडली में चल रहे ग्रहों के गोचर और महादशा के विभिन्न परिणाम हैं। ज्योतिषियों के अनुसार प्रारंभ से 12 वें भाव में सूर्य से लेकर केतु तक के परिणाम बिल्कुल भिन्न होते हैं। कुंडली का छटा भाव शत्रु और रोग से संबंध रखता है।

इसके अलावे 12 वां भाव मोक्ष, खर्च या हानि के अतिरिक्त विदेश यात्रा को दर्शाता है। आज हम आपको कुंडली में शुक्र के छठे और बारहवें भाव से पड़ने वाले असर के बारे में बता रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: गायत्री मंत्र: गायत्री मंत्र का भूलकर भी न करें ऐसे जाप, वरना हो जाएंगे दरिद्र

शुक्र का भाव

कुंडली का छठा भाव मुख्य रूप से रोग और कर्ज से संबंध रखता है। परन्तु जब किसी जातक की कुंडली में इस भाव में बैठ जाता है तो महादशा और अंतर्दशा में भी बहुत अधिक लाभ देता है।

इसे भी पढ़ें: 9 नवंबर को बन रहा है शक्तिशाली 'गुरु-पुष्य' योग, राशि के अनुसार करें ये उपाय, मिलेगा हर समस्या का समाधान

विशेष रूप से यदि जातक किसी प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहा है तो इस स्थिति में उसे बहुत अधिक लाभ मिलता है। यदि जातक की महादशा भी चल रही है तो भी वह प्रतियोगिता में निश्चित रूप से सफल होता है।

ADS

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )

ADS

ADS

मुख्य खबरें

ADS

ADS

ADS

ADS

Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo