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हथेली की जीवनरेखा पर बना है ये निशान तो समझिए विदेशों में भी कमाएँगे अकूत संपत्ति

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Oct 30 2017 4:08PM IST
हथेली की जीवनरेखा पर बना है ये निशान तो समझिए विदेशों में भी कमाएँगे अकूत संपत्ति

हथेली में बहुत सारी रेखाएं होती हैं, इन्हीं रेखाओं में व्यक्ति की उम्र को दर्शाने के लिए जीवन रेखा होती है। यह रेखा उम्र के अलावे भी बहुत कुछ बताती है। दरअसल यह रेखा हथेली के अंत भाग मणिबंध और गुरु पर्वत से नीचे जा मिलती है। लेकिन आज हम आपको जीवन रेखा और मणिबंध रेखा के बीच बने अंग्रेजी वाई अक्षर की तरह दिखने वाले निशान के बारे में बताने जा रहे हैं।

समुद्रशास्त्र के अनुसार इस चिन्ह का होना शुभ और अशुभ दोनों संकेत देते हैं। यदि लाइफ लाइन से कोई रेखा निकलकर चन्द्र पर्वत की ओर जाती हुई यह लकीर उल्टी वाई बनाता है। यह रेखा देखने में बेहद सामान्य होता है लेकिन व्यक्ति के जीवन में इसका बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। हथेली में इस प्रकार की  2 रेखाएं होती है। एक रेखा जो कि शुभ संकेत देने वाली होती है और दूसरा अशुभ संकेत देने वाली होती है।

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शुभ फल देने वाली वाई का निशान 

यदि रेखा जीवन रेखा होकर चंद्र पर्वत पर जाकर रुक जाती है। ऐसी स्थिति में बना वाई का निशान शुभ फलदायक माना गया है। ऐसे वाई के निशान जिस जातक की हथेली में होता है वो देश के अलावे विदेश यात्रा भी करते हैं। आमतौर ये अपना व्यवसाय करते हैं जिसकी शाखाएँ  विदेशों में भी होती है। साथ ही आर्थिक रूप से बेहद संपन्न होते हैं और खुशहाल जीवन जीते हैं।

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अशुभ वाई

जातक के हथेली की रेखा यदि जीवनरेखा से निकलकर साधारण वाई का निशान बना रही है तो यह अशुभ माना गया है। यह रेखा जीवन जीवनशक्ति को कम करने वाली मानी जाती है। जिस उम्र में यह रेखा जीवन रेखा को काटती है उस उम्र में व्यक्ति की जीवनशक्ति कमजोर  होने लगती है। जीवनशक्ति के कमजोर का मतलब होता है शारीरिक रूप से अधिक बीमार हो जाना। ऐसा भी हो सकता है कि उसके जीवन में इतनी अधिक परेशानियां हों कि उसका जीवन से मोह हटने लगे या मानसिक और शारीरिक रूप से वह अक्षम होने लगे। ऐसे लोगों को पक्षाघात होने की भी संभावना होती है।

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-Tags:#Palmistry#Saamudrik Shastra#
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