Breaking News
रिपोर्ट में हुआ खुलासा, कानपुर सेंट्रल ने देश के सबसे गंदे रेलवे स्टेशन में किया टॅाप, यहां देखे पूरी लिस्टकिम जोंग ने दूसरी बार दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति से की मुलाकात, ट्रंप के साथ 12 जून की मुलाकात संभवशर्मनाकः दिल्ली से सटे गुरुग्राम में ऑटो चालक ने अपने साथियों के साथ मिलकर गर्भवती महिला के साथ किया गैंगरेपभारतीय महिला की मौत के बाद आयरलैंड में हटा गर्भपात से बैन, सविता की मौत के बाद जनमत संग्रह से हुआ फैसलापीएम मोदी ने किया ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन14वें दिन भी बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली में 78 तो मुंबई में 86 के पार पहुंचे पेट्रोल के दामनीतीश कुमारः बैंकों की लचर कार्यप्रणाली के चलते लोगों को नहीं मिला नोटबंदी का अपेक्षित लाभपीएम मोदी ने किया दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
Top

पंचमी श्राद्ध: जानें क्यों नहीं करते पितृपक्ष में कोई शुभ कार्य

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 10 2017 3:29PM IST
पंचमी श्राद्ध: जानें क्यों नहीं करते पितृपक्ष में कोई शुभ कार्य

6 सितंबर से पितृपक्ष शुरू हो चुका है और 20 सितंबर तक चलेगा। इस साल पितृपक्ष 14 दिनों का होगा। कहा जाता है कि इस दौरान हमारे पूर्वज और पितर धरती पर उतरते हैं और हमें देखते हैं। 

इसे भी पढ़ें: पितृपक्ष: पितरों को सपने में आना देता है ये संकेत

मान्यता के अनुसार पितृपक्ष के काल को शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए इस दौरान कोई भी शुभ कार्य वर्जित है। जैसे शादी का शुभ कार्य, घर की खरीदारी या शिफ्ट‍िंग, शादी की खरीदारी आदि। जैसे कि अचानक घर में किसी सदस्य की मत्यु के बाद घर में एक खास अवधि के लिए सभी मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं।

इसे भी पढ़ें: पितृपक्ष: पितरों को सपने में आना देता है ये संकेत

पितृपक्ष में पितृगण पितृलोक से धरती पर आते है और अपने वंशजो से तर्पण से तृप्त होते हैं। इसलिए जब व्यक्ति पर कर्जा हो तो वो खुशी मनाकर शुभ काम कैसे सकता है। पितृ ऋण के कारण ही पितृपक्ष में शुभकार्य नहीं किए जाते हैं। 

ADS

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
janen kyon nahi karte hain pitripaksh me kio shubh karya

-Tags:#Panchami Shradh#Pitrpaksh#Shradh 2017#Piti Rin#Pitar#tarpan

ADS

ADS

मुख्य खबरें

ADS

ADS

ADS

ADS

Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo