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मृत्यु के बाद ये है स्वर्ग पाने का रास्ता

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 18 2017 1:06PM IST
मृत्यु के बाद ये है स्वर्ग पाने का रास्ता
भाद्रपद माह में कृष्ण एकादशी का विशेष महत्व है। इसे अजा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है किन जिन लोगों ने अपने जीवन में पाप किए हैं और मरने के बाद स्वर्ग की इच्छा रखते हैं तो उन लोगों के लिए यह एकदाशी मोक्ष का काम करती है। 
 
 
आज 18 अगस्त के दिन समस्त पापों को दूर करने वाली कृष्ण एकादशी है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के बाग स्वर्ग पहुंचने के लिए यह एकमात्र अंतिम रास्ता बताती है। इस दिन भगवान विष्णु के ऋषिकेश रूप की पूजा होती है। 

पूजा विधि

यदि अपने जीवन में स्वर्ग की प्राप्ति चाहते हैं तो सुबह या संध्या के समय भगवान विष्णु के ऋषिकेश रूप के समक्ष शुद्ध घी का दीपक जलाएं। उन्हें अबीर (गुलाल) ढ़ाएं। गुलाबी रंग के फूल भोग स्वरूप खीर और मखाने व मिशरी का भोग लगाएं।
 
तत्पश्चात, तुलसी की माला से 'ॐ ऋषिकेशाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके उपरांत खीर का प्रसाद आसपास के लोगों में बाटें। कहते हैं कि इस तरह से पूजन करने पर व्यक्ति मृत्यु के पश्चात उत्तम लोक में स्थान प्राप्त करता है।
 

विशेष मुहूर्त

सुबह- 09:30 से प्रातः 10:30 तक।
 
दोपहर- 11:58 से दिन 12:50 तक।
11:52 से दिन 13:20 तक।
 
यदि आज के दिन आप अपना गुडलक पाना चाहते हैं तो गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करें। दिनभर के किसी भी समय 'ॐ श्रीनिवासाय नमः' मंत्र का जाप करें। 
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