Breaking News
Top

भगवन शिव के इस मंदिर के दर्शन मात्र से होती है हर मनोकामना

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 23 2017 2:56PM IST
भगवन शिव के इस मंदिर के दर्शन मात्र से होती है हर मनोकामना

देवभूमि हिमाचल प्रदेश में भगवान शिव के बहुत सारे मंदिर स्थित हैं। उनमें से एक कांगड़ा जिले के इंदौरा उपमंडल में काठगढ़ महादेव का मंदिर है। 

यह विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां शिवलिंग दो भागों में बंटा हुआ है। शिवलिंग मां पार्वती और भगवान शिव के दो विभिन्न रूपों में बंटा है।

शिवलिंग के दोनों भागों के बीच में दूरियां ग्रह नक्षत्रों के अनुसार अपने आप घटती बढ़ती है। ग्रीष्म ऋतु में यह स्वरूप दो भागों में बंट जाता है और शीत ऋतु में पुन: एक स्वरूप धारण कर लेता है।

इसे भी पढ़ें: लौकी के इस उपाय से दूर होगा दुख और गरीबी

शिवलिंग के दोनों भागों में शिव स्वरूप में पूजे जाने वाले शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 7 से 8 फीट है और पार्वती के स्वरूप में पूजे जाने वाले शिवलिंग की ऊंचाई 5 से 6 फीट है।

शिवरात्रि के दिन शिवलिंग के दोनों भाग मिलकर एक हो जाते हैं। शिवरात्रि के बाद इनमें धीरे-धीरे अंतर बढ़ने लगता है। 

शिव पुराण की विधेश्वर संहिता के अनुसार पद्म कल्प के प्रारंभ में एक बार ब्रह्मा और विष्णु के मध्य श्रेष्ठता का विवाद उत्पन्न हो गया और दोनों दिव्यास्त्र लेकर युद्ध के लिए तैयार हो उठे।

इसे भी पढ़ें: इस दिन नहीं तोड़ने चाहिए बेलपत्र

यह भयंकर स्थिति देख शिव सहसा वहां आदि अनंत ज्योतिर्मय स्तंभ के रूप में प्रकट हो गए। जिससे दोनों देवताओं के दिव्यास्त्र खुद ही शांत हो गए।

ब्रह्मा और विष्णु दोनों उस स्तंभ के आदि से अंत का मूल जानने के लिए जुट गए। विष्णु शुक्र का रूप धरकर पाताल गए लेकिन अंत न पा सके।

ब्रह्मा आकाश से केतकी का फूल लेकर विष्णु के पास पहुंचे और बोले कि मैं स्तंभ का अंत खोज आया हूं। जिसके ऊपर यह केतकी का फूल है।

ब्रह्मा का यह छल देखकर शंकर वहां प्रगट हो गए और विष्णु ने उनके चरण पकड़ लिए। तब शंकर ने कहा कि आप दोनों समान हैं। यही अग्नि के समान स्तंभ, काठगढ़ के रूप में जाना जाने लगा। 

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
here shiva is sitting in the form of ardhanarishwar

-Tags:#Lord Shiva#Mata Parvati#Shivling#Brahma#Vishnu
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo