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सामुद्रिक शास्त्र: हथेली की इन जगहों पर 'तिल' खोलते हैं किस्मत के दरवाजे

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Oct 6 2017 3:48PM IST
सामुद्रिक शास्त्र: हथेली की इन जगहों पर 'तिल' खोलते हैं किस्मत के दरवाजे

ज्योतिष शास्त्र में हथेली की रेखाओं और तिल के अलग-अलग अर्थ बताए गए हैं। हस्त रेखा शास्त्र में ऐसा विवरण मिलता है कि हथेली की  रेखा और तिल व्यक्ति के भाग्य को दर्शाता है। हथेली पर स्थित तिल के निशान को ज्योतिषी शुभ और अशुभ दोनों नजरिए से देखते हैं।

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार व्यक्ति के भाग्य को दर्शाने में जितना महत्व रेखाओं का है उससे कहीं अधिक हथेली की तिल का है। हथेली में कुछ ऐसे पर्वत या स्थान हैं जहां तिल का होना व्यक्ति की किस्मत के बारे में बहुत कुछ बयां करता है। आज ये जानते हैं कि हथेली के किस पर्वत पर तिल का निशान भविष्य की किस्मत को बताते हैं।

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1.गुरु पर्वत- हथेली का सबसे प्रमुख पर्वत गुरू पर्वत को माना गया है। यह पर्वत तर्जनी उंगली के नीचे का भाग होता है। इस पर्वत पर तिल होने पर व्यक्ति अपने जीवन में बहुत अधिक पैसा कमाता है। साथ ही वह सभी प्रकार के सुख-सुविधाओं को आनंद लेता है।

2.सूर्य पर्वत- हथेली में अंगूठे के नीचे का स्थान भी सूर्य पर्वत कहलाता है। साथ ही अनामिका उंगली के नीचे का भाग सूर्य पर्वत कहलाता है। इस स्थान पर तिल होने पर प्रारंभ में व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए परेशान जरूर होता है, लेकिन सरकारी नौकरी मिलने की संभावना अधिक रहती है।

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3.चन्द्र पर्वत- कनिष्ठा उंगली सबसे छोटी उंगली को कहा जाता है। चन्द्र पर्वत कनिष्ठ उंगली के नीचे का क्षेत्र होता है। चन्द्र पर्वत पर तिल होने पर व्यक्ति जीवन में अपार धन संपत्ति का मालिक होता है। धन-संपत्ति के मामले में ऐसा व्यक्ति अच्छे-अच्छे धनी लोगों को से आगे निकल जाता है।

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hathelee kee in jagahon par til kholate hain kismat ke daravaaje

-Tags:#Palmistry#Astrology#Samudrik Shastra
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