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मंगलवार विशेष: ब्रम्हचारी नहीं थे ''हनुमान'', पत्नी के साथ आज भी है यहां मंदिर, दर्शन से पति-पत्नी का विवाद होता है खत्म

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Nov 7 2017 6:31AM IST
मंगलवार विशेष: ब्रम्हचारी नहीं थे ''हनुमान'', पत्नी के साथ आज भी है यहां मंदिर, दर्शन से पति-पत्नी का विवाद होता है खत्म

हनुमान जी को सभी बाल ब्रह्मचारी के रूप में जानते हैं। जिस किसी से भी हनुमान के बारे में सुनने को मिलेगा तो सभी यह जरूर कहते हैं कि हनुमान ब्रह्मचारी थे। यह सुनकर बहुत लोगों को आश्चर्य होता है कि बल ब्रह्मचारी हनुमान का विवाह भी हुआ था।

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जी हाँ, हनुमान का विवाह हुआ था और उनकी पत्नी के साथ हनुमान जी का मंदिर आज भी है। दरसल यह मंदिर आंध्रप्रदेश के खम्मम जिले में है। ऐसा कहा कहा जाता है कि हनुमान के साथ उनकी पत्नी के दर्शन से घर में चल रहे पत्नी और पति के बीच का विवाद खत्म हो जाता है।

ऐसे हुई थी शादी

पराशर संहिता के अनुसार हनुमान का विवाह सुवर्चला के साथ हुआ था। इसके अलावे वाल्मीकि और कम्ब दोनों रामायणों में बाला जी के रूप में इसी का वर्णन मिलता है। जब हनुमान सूर्य देव से अपनी शिक्षा ग्रहण कर रहे थे तो सूर्य देव ने उन्हें सहदी करने की सलाह दी। क्योंकि कुल 9 प्रकार की ऐसी विद्याएँ थी जिसका ज्ञान हनुमान जी को चाहिए था।

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सूर्य देव ने इन्हें 5 प्रकार की विद्याएं तो सिखा दी। लेकिन 4 विद्याएं ऐसी थीं जिसे किसी विवाहित को ही सिखाया जा सकता था। इसलिए सूर्य देव ने अपनी तेजस्वी पुत्री सुवर्चला से हनुमान का विवाह संपन्न कराया। इसके बाद हनुमान जी ने अपनी शिक्षा पूर्ण की और सुवर्चला सदा के लिए अपनी तपस्या में रत हो गई। 

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