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Eid ul Milad 2017: जानिए क्यों खास है मुस्लिमों के लिए ये दिन

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Dec 2 2017 12:29PM IST
Eid ul Milad 2017: जानिए क्यों खास है मुस्लिमों के लिए ये दिन

ईद-उल-मिलाद (Eid ul Milad 2017) को कुरान में मौलिद मावलिद का नाम दिया गया है। मौलिद मावलिद का अर्थ पैगंबर के जन्म का दिन होता है। ईद-उल-मिलाद के दिन रात भर तक सभाएं की जाती है। इस सभा के माध्यम से पैगंबर साहब की शिक्षा को समझाया जाता है।

माना जाता है कि पैगंबर की शिक्षा को सुना जाए तो वो जन्नत के द्वार खोलती हैं। इस दिन के लिए शिया और सुन्नी दोनों के अलग मत हैं। शिया समुदाय पैगंबर हजरत मुहम्मद के जन्म की खुशी में इसे मनाता है। साथ ही सुन्नी समुदाय का मानना है कि यह दिन उनकी मौत का दिन है।

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इस कारण वो पूरे माह शोक मनाते हैं। हालांकि सुन्नियों में खासतौर पर पैगंबर के जन्मदिन का जश्न बरेलवी समुदाय द्वारा मनाया जाता है। कई स्थानों ईद-ए-मिलाद को पैगंबर के जन्मदिन के रुप में और कई स्थानों पर इसे शोक दिवस के रुप में मनाया जाता है, माना जाता है कि इस दिन ही पैगंबर की मृत्यु हुई थी। मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि पैगंबर हजरत मोहम्मद का जन्म इस्लाम कैलेंडर के अनुसार रबि-उल-अव्वल माह के 12वें दिन 570 ई. को मक्का में हुई था।

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