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देवउठनी एकादशी: ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, टल जाएगा अकाल मृत्यु का खतरा

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली Devuthani Ekadashi Prabodhini Ekadashi 2017 | UPDATED Oct 30 2017 6:06PM IST
देवउठनी एकादशी: ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, टल जाएगा अकाल मृत्यु का खतरा

Devuthani Ekadashi Prabodhini Ekadashi 2017

देवउठनी एकादशी कार्तिक मास के शुक्लपक्ष की एकादशी के दिन होता है। देवउठनी एकादशी को प्रबोधनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल 31 अक्टूबर (मंगलवार) यानी कल पूरे देश में मनाई जाएगी। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु का विवाह तुलसी से हुआ था।

इस दिन का महत्व हिन्दू धर्म में इसलिए भी अधिक है क्योंकि इस दिन से ही शादी-विवाह का लग्न शुरू हो जाता है। शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि इस दिन भगवान विष्णु 4 महीन सोने के बाद जागते हैं। जो भी महिलाएं कार्तिक स्नान करतीं हैं वे इस दिन तुलसी का विवाह शालीग्राम से करवातीं हैं।

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देवउठनी व्रत के लाभ 

इस व्रत को करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

मान्यता है कि इस व्रत को करने से एक हजार अश्वमेघ यज्ञ और राजसूय के बराबर फल मिलता है।

इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ती होती है।

इसके अलावे इस व्रत को करने से कई जन्मों के पाप खत्म हो जाते हैं और जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिल जाती है।

भगवान विष्णु के चरणामृत को पीने से अकाल मौत कभी नहीं आती है।

ऐसे करें पूजा 

इस दिन सबसे पहले किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। 

फिर इस दिन द्राक्ष, ईख, अनार, केला, सिंघाड़ा आदि ऋतुफल भगवान विष्णु को भोग लगाना चाहिए। इसके बाद चरणामृत ग्रहण करना चाहिए। भगवान विष्णु के चरणामृत को पीने से अकाल मौत कभी नहीं आती है।

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मान्यता है कि चरणामृत हमारे लिए अमृत के समान है। पूजा के समय तांबे के बर्तन में शालिग्राम का गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए। इस बीच भगवान विष्णु को पुरुष सूक्त के 16 मंत्रों के साथ अभिषेक करना उत्तम माना गया है। जिस जल से भगवान विष्णु का अभिषेक किया जाता है उसमें तुलसी दल, केशर, चंदन आदि को मिलाना चाहिए।

पूजा के अंत में ‘ऊं भूत वर्तमान समस्त पाप निवृत्तय-निवृत्तय फट्’ मंत्र की 21 माला जाप करना चाहिए। फिर अग्नि में शुद्ध घी की 108 आहुतियां अवश्य देनी चाहिए। इससे हमारे जीवन के सारे रोगों, कष्टों व चिंताओं से मुक्ति मिल जाती है। 

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