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छठ 2017: 34 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Oct 23 2017 12:26PM IST
छठ 2017: 34 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग

छठ व्रत को सभी व्रतों में सबसे कठिन व्रत माना जाता है। चार दिनों का यह कठिन पर्व होता है इसलिए इस पर्व को महापर्व कहा जाता है। इस महापर्व को महिला और पुरुष दोनों करते हैं। इस महापर्व में तीसरे और चौथे दिन का व्रत सबसे कठिन होता है क्योंकि इस दौरान निर्जला व्रत रखा जाता है। छठ महापर्व इस साल 24 अक्टूबर (मंगलवार) से शुरू हो रहा है।

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मंगलवार के दिन खरना पड़ने से यह पर्व और भी खास हो गया है। इस दिन गणेश चतुर्थी है इसलिए सभी कार्य मंगलमय होगा ऐसा पंडितों का मानना है। ज्योतिषी पंडित धनंजय पाण्डेय के अनुसार छठ पर्व के शुरू दिन यानि खरना को सूर्य का रवियोग है।

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सूर्य का ऐसा संयोग 34 साल बाद बन रहा है। इसलिए इस दुर्लभ संयोग में छठ पूजा करने से सूर्य देव कठिन से कठिनतम मनोकामनाओं को भी पूरी करते हैं। ज्योतिषी धनंजय पाण्डेय के अनुसार कुंडली में शनि, राहु और केतु की बुरी दशा भी इस बार छठ में सूर्य की उपासना से खत्म हो जाएगा। इसके अलावे इस महायोग में सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ हवन करने से आयु बढ़ती है। 

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