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छठ 2017: डूबते सूर्य को अर्घ्य आज

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Oct 26 2017 10:12AM IST
छठ 2017: डूबते सूर्य को अर्घ्य आज

छठ पर्व ही एक ऐसा पर्व है जिसमें उगते सूर्य के साथ-डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। छठ पर्व का आज तीसरा दिन है जब डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। छठ पूजा की महत्ता और विशेषता को ऋग्वेद में भी बखान किया गया है। शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि सूर्य की उपासना से मनुष्य के सभी कष्ट दूर होते हैं।

शास्त्रों में कुछ मंत्र ऐसे हैं जिसके द्वारा भगवान सूर्य को जल देना शुभ फलदायक माना गया है। भगवान सूर्य को सब कुछ देखने वाला कहा गया है। इसलिए ऐसा कहा गया है कि सूर्य देव सभी क्रिया-कलाप के साक्षी हैं। भगवान सूर्य को प्रसन्न करने के लिए आज संध्या अर्घ्य के समय इस मंत्र से अर्घ्य देना बेहद लाभकारी माना गया है।

मंत्र-

ॐ श्री सवितृ सूर्यनारायणाय नम:

आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीदमम् भास्कर।

दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोस्तु ते।। 

इसके अलावे ऐसा माना गया है कि सूर्य मंत्र का जाप बहुत ही आसान है। इस मंत्र का जाप करने का सबसे उत्तम समय सूर्योदय है। इस अलग-अलग मंत्रों के साथ सूर्यदेव को अर्घ्य देना बेहद शुभ फलदायी माना गया है।

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ऊं मित्राय नम:

ऊं रवये नम:

ऊं सूर्याय नम:

ऊं भानवे नम:

ऊं पुष्णे नम:

ऊं मरीचये नम:

ऊं आदित्याय नम:

ऊं भाष्कराय नम:

ऊं आर्काय नम:

ऊं खगये नम:

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इस मंत्र से जल चढ़ाने के फायदे 

सूर्य देव को आत्मा का हिस्सा माना गया है। भगवान सूर्य के इस मंत्र जाप के साथ अर्घ्य देना और भी शुभफलदायक माना गया है। अर्घ्य देते समय इस मंत्र को बोलने से स्वास्थ्य लाभ होता है। साथ ही यदि रोज इस मंत्र से सूर्य को जल दिया जाता है तो शरीर में उर्जा का संचार बराबर रहता है। भगवान सूर्य को इस मंत्र जाप के साथ सात बार अर्घ्य देना चाहिए। गेरुवा वस्त्र धारण कर सूर्य को अर्घ्य देना सर्वोत्तम माना गया है।

 
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