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चाणक्य नीति: इन 4 कारणों से ही पत्नी-पत्नी के रिश्ते हो जाते हैं बर्बाद

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Dec 5 2017 5:52PM IST
चाणक्य नीति: इन 4 कारणों से ही पत्नी-पत्नी के रिश्ते हो जाते हैं बर्बाद

जीवन में हर रिश्ते की अपनी अहमियत होती है। खासकर पति-पत्नी के रिश्ते को शब्दों में पिरोकर तौला नहीं जा सकता है। इस रिश्ते की अपनी अगल ही पहचान होती है। शादी के बाद पति-पत्नी धीरे-धीरे अपने रिश्ते को आगे बढ़ाते हैं।

रिश्ता अगर अच्छा हो तो शादी का ये बंधन सुखद लगता है। लेकिन अगर पति-पत्नी का आपस में तालमेल न बैठे तो कुछ साल भी साथ में गुजारना मुश्किल हो जाता है। चाणक्य के अनुसार इन कारणों से रिश्ते सफल नहीं हो पाते हैं।

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आपसी दखल 

आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसी पत्नी जो अपने पति का दखल बर्दाश्त न करे, जो यह कहे कि उसका अलग ही जीवन है। जिसमें पति का कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। ऐसी परिस्थिति में शादी टूटने की संभावना प्रबल हो जाती है।

बातें छिपाना 

पत्नी को अपने निजी मामले से दूर रखना और उसमें किसी और का दखल न चाहना भी शादी टूटने का बड़ा कारण होता है।

आपसी सम्मान 

चाणक्य के अनुसार पति-पत्नी का रिश्ता केवल भावनात्मक ही नहीं होता है। बल्कि इस रिश्ते में एक दूसरे को सम्मान देना ही आवश्यक हो जाता है। अगर पति-पत्नी एक दूसरे का अपमान करते हैं और आपस में गलियां देते हैं। ऐसी परिस्थिति में शादी का रिश्ता टूट जाता है।

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लालच 

चाणक्य के अनुसार पत्नी यदि केवल पति के धन की लालची बन जाए। जिसमें पति की भावनाओं का कोई सम्मान ना हो। रिश्ते की अहमियत ना जानती हो। तो ऐसी पत्नी शादी के रिश्ते को बर्बाद करके छोड़ती है।

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