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वेश्यालय की मिट्टी के बिना अधूरी रह जाती है माता की पूजा

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 25 2017 2:20PM IST
वेश्यालय की मिट्टी के बिना अधूरी रह जाती है माता की पूजा

शक्ति की आराधना का पर्व देश भर में आज पांचवें दिन भक्तिमय वातावरण में मनाया जा रहा है। देश भर में सभी जगह वहां की रीति-रिवाजों के साथ माता दुर्गा की पूजा की जाती है। 

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लेकिन बंगाल के अंदर माता दुर्गा की पूजा जिस रिवाज के साथ की जाती है, वह बिलकुल अनोखा और अचंभित करने वाला है। मान्यता है कि मंदिर का पुजारी वेश्यालय में जाकर वेश्याओं से उसके आंगन की मिट्टी मांगता है।

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जबतक उसे मिट्टी नहीं मिलती वो वापस घर नहीं लौटता है। वेश्या अगर मिट्टी देने से मना भी कर देती है फिर भी वह झोली फैलाकर मिट्टी मांगता रहता है। हम आपको बता रहे हैं कि इस अनोखे और अद्भुत रीति-रिवाज के पीछे क्या मान्यता है।

पहली मान्यता 

इस मान्यता के अनुसार जब कोई व्यक्ति वेश्यालय जाता है तो वह अपनी पवित्रता वहीं छोड़ आता है। इसलिए वेश्यालय के आंगन की मिट्टी को सबसे पवित्र माना जाता है।

दूसरी मान्यता

इस मान्यता के अनुसार महिषासुर ने मां दुर्गा के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास किया था। जिस कारण माता दुर्गा नें उसका वध किया था।

तीसरी मान्यता

इस मान्यता के अनुसार वेश्याओं को उनके बुरे कर्म से मुक्ति दिलवाने के लिए उनके घर से लाई मिट्टी का उपयोग मां की मूर्ति में किया जाता है। इस तरह उनके कर्म शुद्ध करने का प्रयास किया जाता है।   

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