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भविष्य पुराण: धनवान बनने के लिए अचूक है, भोजन से संबंधित यह शास्त्रीय नियम

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Nov 30 2017 5:16PM IST
भविष्य पुराण: धनवान बनने के लिए अचूक है, भोजन से संबंधित यह शास्त्रीय नियम

भविष्य पुराण में धन प्राप्ति के लिए विशेष शास्त्रीय नियम बताए गए हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि मनुष्य का शरीर पांच तत्वों के निर्माण से बना हुआ है। इस पांचो तत्वों का प्रतिनिधित्व हमारी पांचो अंगुलियां करती है।

जब इन पंचों तत्वों के द्वारा भोजन किया जाता है तो हमारे शरीर को अनंत उर्जा की प्राप्ति होती है। साथ ही हमारा शरीर निरोगी बनता है। इसलिए स्वच्छ हाथों से भोजन करना सही माना गया है। भविष्य पुराण में बताए गए नियम के अनुसार हम आपको भोजन से संबंधित कुछ विशेष नियम बता रहे हैं। इस नियम का पालन कर यदि भोजन किया जाता है तो लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

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  • भोजन करने से पहले भगवान को धन्यवाद देना चाहिए। क्योंकि अन्न में माता अन्नपूर्णा का वास होता है। इसलिए उनको प्रणाम करने के बाद ही भोजन ग्रहण करना चाहिए।
  • भोजन का कभी भी अपमान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने पर माता अन्नपूर्ण अप्रसन्न होती हैं। जिससे मनुष्य को धन की हानि होती है।
  • भोजन से पूर्व भोजन मंत्र का उच्चारण करने से भोजन का पाचन सही प्रकार होता है। साथ ही शरीर को उर्जा मिलती है।

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  • मंत्र- "ऊं सहनाववतु, सहनौ भुनक्तु सह वीर्यम् करवाव है तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषाव है। ऊँ शान्ति: शान्ति: शान्ति:।"
  • भोजन हमेशा एक ही स्थान पर बैठकर करना चाहिए। यदि आप भोजन करते समय बार-बार उठते हैं तो इससे धन की हनी होती है।
  • जिस भोजन को आपने त्याग दिया है। उसे दुबारा ग्रहण नहीं करना चाहिए। ऐसा करने पर आयु की हानि होती है। 

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