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भाई दूज: पुराणों के अनुसार ये है भाई दूज की कथा

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Oct 21 2017 7:39AM IST
भाई दूज: पुराणों के अनुसार ये है भाई दूज की कथा

भाई दूज के बारे में प्रायः सभी लोग जानते हैं कि यह पर भाई-बहन की आपसी स्नेह का पर्व है। भाई दूज के इस पर्व को मनाए जाने के पीछे बहुत सारी मान्यताएं हैं। लेकिन सबसे प्रमुख यमी और यमराज के कहानी की जो मान्यता है कि वह सबसे प्रचलित है।

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इस मान्यता के अनुसार यमुना ने इसी दिन अपने भाई यमराज की लंबी आयु के लिए व्रत रखा था। फिर यमराज को अपने घर न्योता देकर अन्नकूट का भोजन करवाया था। कथा के अनुसार यम देवता इसी दिन अपनी बहन यमुना के दर्शन किए थे। यम की बहन यमुना अपने भाई से मिलने को बहुत व्याकुल थी।

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अपने भाई के दर्शन कर यमुना बहुत खुश हुई। यमुना ने प्रसन्नता पूर्वक अपने भाई का स्वागत किया जिससे खुश होकर यम ने उसे वरदान दिया कि इस दिन अगर कोई भाई-बहन एक साथ यमुना नदी में स्नान करेंगे तो उन्हें अवश्य ही मुक्ति मिलेगी। साथ ही यम ने यमुना से कहा कि इस दिन हर भाई को अपने बहन के यहां जाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि तभी से भाई दूज के यह मान्यता चली आ रही है। 

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