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शत्रु ही नहीं मित्र भी है शनि, लेकिन इन बातों का रखना होगा ख्याल

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 2 2017 12:01PM IST
शत्रु ही नहीं मित्र भी है शनि, लेकिन इन बातों का रखना होगा ख्याल

सूर्य पुत्र शनि देव बहुत ही बलवान और उग्र ग्रह माने जाते हैं। साथ ही इंसान के जीवन में शनि ग्रह का अत्यधिक महत्व है। 9 ग्रहों में एक मात्र शनि देव ही ऐसे मृत्युलोक के स्वामी हैं। 

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जो व्यक्ति के अच्छे-बुरे कर्मों के आधार पर सजा देकर उन्हें सुधरने के लिए प्रेरित करते हैं। आमतौर पर यह धारणा है कि शनि देव मनुष्यों के शत्रु हैं। यह भी मान्यता है कि क्लेश, दुःख, पीड़ा, व्यथा, व्यसन, पराभव आदि शनि की साढ़ेसाती के कारण ही होता है

लेकिन सच्चाई यह भी है कि शनि देव उन्हीं को दंड देते हैं जो बुरा करते हैं। यानि जो जैसा करता है वह वैसा ही भरता है। शनि देव के नियमों के अनुसार अगर आदमी अपने स्वार्थ के लिए गलत करता है तो वह उसका फल तुरंत भोगता है। 

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ज्योतिषियों के अनुसार शनि मोक्ष देने वाला ग्रह है और शनि ही शुभ ग्रहों से कहीं अधिक अच्छा फल देता है। शनिदेव के प्रति लोगों में जो डर है उसी के कारण वे गलत व्यव्हार करने से बचते भी हैं। सच तो ये है कि अगर हम कोई गलत व्यव्हार ना करें तो शनि देव हमारे मित्र हैं। 

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according to astrologers shani dev is the planet for salvation

-Tags:#Sun#Shani Dev#Saturn Planet#Astrology#Shani Katha
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